उत्तर प्रदेश कुक्कट विकास योजनायें

प्रस्तावना

 

योजना-1: कामर्शियल लेयर्स फार्मिंगं योजना

उद्देश्यः    

(i)   आगामी 5 वर्षो में एक करोड़ अण्डे प्रतिदिन का उत्पादन सुनिश्चित करना।

(ii)    ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन।

(iii)   कुक्कुट खाद के उपयोग से कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना।

     योजना की लागत

   30000 कामर्शियल लेयर पक्षी क्षमता की प्रति इकाई व्यय     रू0    180.00 लाख

   बैंक लोन (टी0एल0+सी0सी0) 70 प्रतिशत (अधिकतम)  रू0    126.00 लाख

   मार्जिन मनी              30 प्रतिशत (अधिकतम)  रू0    54.00 लाख

 

कामर्शियल लेयर फार्मिंगं योजना : मुख्य बिन्दु

 

(अ)  अर्हता

 

(ब)  कितनी इकाईयाँ एक व्यक्ति स्थापित कर सकता है-  

(स)  प्रोत्साहन

1. ब्याज प्रतिपूतिः   

                                              10 प्वाइन्ट प्रतिशत ब्याज की प्रतिपूर्ति पाँच वर्षो के लिए (60 माह) उस धनराशि पर जो बैंक से ऋण (टर्म लोन+सी0सी0) के रूप में ली गई है। कामर्शियल लेयर्स की एक इकाई पर अधिकतम प्रतिपूर्ति धनराशि रू0 40.00 लाख,  प्रथम किश्त दिये जाने की तिथि से पाँच वर्ष (60 माह) तक। ब्याज प्रतिपूर्ति का लाभ इकाइयों के गुणक के रूप में भी अनुमन्य होगा।

 

2. स्टैम्प डयूटी की छूटः     

                      कामर्शियल लेयर्स की एक इकाई के लिए योजना अन्तर्गत क्रय की गयी 3 एकड़ भूमि पर रजिस्ट्री स्टैम्प डयूटी में 100% की छूट।

 

3. विद्युत शुल्क में छूट

          विद्युत बिल पर लगने वाली डयूटी पर निम्नानुसार दर एक इकाई हेतु इस प्रकार दी जायेगी-

          कामर्शियल लेयर्स     @ रू0 1200/- प्रतिमाह 10 वर्षे तक

 

4. सी0एस0टी0 और वैट पर छूट

          प्रोत्साहन हेतु रू0 5.00 करोड़ या इससे अधिक कैपिटल व्यय लगाने वाली इकाईयों को 10 वर्षो के उपरान्त उनके द्वारा सी0एस0टी0 और वैट के मद में जमा की गई धनराशि के बराबर की धनराशि ब्याज रहित ऋण के रूप में अनुमन्य होगी जिसे एकमुश्त में 7 वर्षो के बाद वापस करना होगा।

 

5. मण्डी टैक्स पर छूट

 

  ऐसी इकाईयाँ जहॉ प्लान्ट, मशीनरी में रू0 5.00 करोड़ या अधिक होगा उन्हें उनके द्वारा उपयोग किये जाने वाले आहार के घटकों पर पाँच वर्षो तक मण्डी टैक्स में उसी प्रकार छूट अनुमन्य होगी जैसा कि खाद्य-प्रसंस्करण नीति-2012 में अनुमन्य है।

            

योजना-2: ब्रायलर पैरेन्ट फार्मिंगं योजना

उद्देश्यः    

(i)   ब्रायलर उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने एवं प्रदेश को ब्रायलर चूजों के     उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से योजना ली गयी है।

(ii)    ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन।

(iii)   कुक्कुट खाद के उपयोग से कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना।

 

योजना की लागत :

  10000 ब्रायलर पैरेन्ट पक्षी क्षमता की प्रति इकाई व्यय  रू0    206.50 लाख

   बैंक लोन (टी0एल0+सी0सी0) 70 प्रतिशत (अधिकतम)  रू0    145.00 लाख

   मार्जिन मनी              30 प्रतिशत (अधिकतम)  रू0    61.50 लाख

 

ब्रायलर पैरेन्ट फार्मिंगं योजना : मुख्य बिन्दु

 

(अ)   अर्हता :

 

 

 (ब)   कितनी इकाईयाँ एक व्यक्ति स्थापित कर सकता है-

(स)  प्रोत्साहन                                                                  

1. ब्याज प्रतिपूतिः   

10 प्वाइन्ट प्रतिशत ब्याज की प्रतिपूर्ति पाँच वर्षो के लिए (60 माह) उस धनराशि पर जो बैंक से ऋण (टर्म लोन+सी0सी0) के रूप में ली गई है। ब्रायलर पैरेन्ट की एक इकाई पर अधिकतम प्रतिपूर्ति धनराशि रू0 45.00 लाख प्रथम किश्त दिये जाने की तिथि से पाँच वर्ष (60 माह) तक। ब्याज प्रतिपूर्ति का लाभ इकाइयों के गुणक के रूप में भी अनुमन्य होगा।

 

2. स्टैम्प डयूटी की छूटः     

          ब्रायलर पैरेन्ट की एक इकाई के लिए योजना अन्तर्गत क्रय की गयी 6 एकड़ भूमि पर रजिस्ट्री स्टैम्प डयूटी में 100% की छूट।

 

3. शुल्क में छूट विद्युत

          विद्युत बिल पर लगने वाली डयूटी पर निम्नानुसार दर एक इकाई हेतु इस प्रकार दी जायेगी-

          ब्रायलर पैरेन्ट  @ रू0 2400/- प्रतिमाह 10 वर्षे तक

       

4. सी0एस0टी0 और वैट पर छूट

 

          प्रोत्साहन हेतु रू0 5.00 करोड़ या इससे अधिक कैपिटल व्यय लगाने वाली इकाईयों को 10 वर्षो के उपरान्त उनके द्वारा सी0एस0टी0 और वैट के मद में जमा की गई धनराशि के बराबर की धनराशि ब्याज रहित ऋण के रूप में अनुमन्य होगी जिसे एकमुश्त में 7 वर्षो के बाद वापस करना होगा।

 

5. मण्डी टैक्स पर छूट

 

          ऐसी इकाईयाँ जहॉ प्लान्ट, मशीनरी में रू0 5.00 करोड़ या अधिक होगा उन्हें उनके द्वारा उपयोग किये जाने वाले आहार के घटकों पर पाँच वर्षो तक मण्डी टैक्स में उसी प्रकार छूट अनुमन्य होगी जैसा कि खाद्य-प्रसंस्करण नीति-2012 में अनुमन्य है।

 

उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी हेतु नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं। योजना सम्बन्धी किसी भी जानकारी हेतु मोबाइल नम्बर-08090396756 तथा ईमेल-ahrazqidwai@yahoo.com  पर सम्पर्क करें।

 

विस्तृत विवरण हेतु यहाँ क्लिक करें